सिर्फ Registry से नहीं बनेगी ज़मीन आपकी! ये पेपर ज़रूरी हैं Important Documents For Land Rights
भारत में जमीन खरीदना जितना आसान लगता है उतना होता नहीं है। अक्सर लोग सोचते हैं कि Registry यानी रजिस्ट्री करवा ली तो जमीन उनकी हो गई, लेकिन असल में जमीन का मालिकाना हक साबित करने के लिए Registry के अलावा भी कई जरूरी दस्तावेज होने चाहिए। अगर आपके पास ये कागज नहीं हैं तो बाद में आपको कानूनी पचड़े या विवादों का सामना करना पड़ सकता है। इस आर्टिकल में हम उन्हीं जरूरी पेपर्स के बारे में विस्तार से बताएंगे जो जमीन पर आपका हक मजबूत करते हैं।
Registry क्या है और क्यों जरूरी है?
सबसे पहले ये समझते हैं कि Registry क्या है। Registry यानी Sale Deed वो दस्तावेज होता है जिसमें जमीन के मालिक ने अपनी जमीन को दूसरे व्यक्ति को बेचने की बात को कानूनी मान्यता दी होती है। यह दस्तावेज तहसील या सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में रजिस्टर्ड होता है। इसके बिना आपकी जमीन पर दावा वैध नहीं माना जाएगा। लेकिन Registry के बाद भी अगर बाकी जरूरी दस्तावेज नहीं हैं तो कोई भी आपके हक को चुनौती दे सकता है।
खरीद-बिक्री के पुराने कागज
Registry के साथ-साथ जमीन से जुड़े पुराने Sale Deed भी जरूरी होते हैं। इससे ये साबित होता है कि जमीन की खरीद-बिक्री का इतिहास क्या रहा है। पुराने मालिकों के नाम, उनका हक और कब किसे बेची गई ये सब Sale Deed में होता है। अगर कोई विवाद होता है तो कोर्ट में इन्हीं कागजों को सबूत के तौर पर पेश किया जाता है।
Mutation यानी दाखिल-खारिज
Registry के बाद Mutation कराना बहुत जरूरी है। Mutation एक तरह का रिकॉर्ड होता है जो Revenue Record में आपका नाम जोड़ता है। जब भी आप जमीन खरीदते हैं तो पुराने मालिक के नाम की जगह आपके नाम का Entry Revenue Department के रिकॉर्ड में होना जरूरी है। बिना Mutation के आप उस जमीन पर लोन नहीं ले सकते और ना ही सरकारी योजनाओं का फायदा उठा सकते हैं।
खसरा खतौनी
खसरा खतौनी जमीन की पहचान से जुड़ा दस्तावेज है। इसमें जमीन का नंबर, उसका क्षेत्रफल, मालिक का नाम और जमीन की किस्म यानी कृषि भूमि या आबादी भूमि जैसी जानकारी होती है। यह जिला लेखपाल या तहसील से मिलता है। इसे हर साल Update कराना भी जरूरी होता है ताकि रिकॉर्ड में सही जानकारी बनी रहे।
Jamabandi
Jamabandi भी जमीन का Record होता है जो हर राज्य में अलग नाम से जाना जाता है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसे Jamabandi कहते हैं। इसमें जमीन के मालिक, खेती करने वाले और बकाया लगान की जानकारी रहती है। यह हर 4 से 5 साल में Update होता है।
NOC और Clearance Certificate
अगर आप कोई बड़ी जमीन या खेती की जमीन को आबादी क्षेत्र में बदल कर प्लॉटिंग कराना चाहते हैं तो NOC यानी No Objection Certificate जरूरी होता है। इसके अलावा अगर जमीन किसी Litigation या बकाया टैक्स में फंसी है तो Clearance Certificate लेना पड़ता है ताकि भविष्य में कोई समस्या ना आए।
Encumbrance Certificate
ये दस्तावेज बताता है कि जमीन पर कोई बकाया लोन या कर्जा नहीं है। कई बार लोग बैंक से लोन लेकर जमीन गिरवी रखते हैं और फिर बेच देते हैं। ऐसे में Encumbrance Certificate से आप पता लगा सकते हैं कि जमीन Free है या नहीं। बैंक से लोन लेने में भी यह Certificate जरूरी होता है।
Possession Certificate
Registry हो गई, Mutation भी हो गया लेकिन जमीन पर कब्जा आपका नहीं है तो फिर समस्या खड़ी हो सकती है। Possession Certificate यह साबित करता है कि जमीन पर असली कब्जा आपका है। कई राज्य में यह Certificate तहसीलदार या SDM Office से मिलता है।
Land Tax Receipt
अगर आप जमीन का Tax हर साल भरते हैं तो उसकी रसीद भी आपके हक को मजबूत करती है। यह दिखाता है कि आप ही उस जमीन के मालिक हैं और आपने सरकारी टैक्स अदा किया है। बैंक लोन, बिजली कनेक्शन या किसी भी सरकारी कार्य में यह Receipt काम आती है।
Building Plan Approval
अगर आप जमीन पर मकान या कोई निर्माण कार्य करना चाहते हैं तो Local Authority या Municipality से Building Plan Approval लेना जरूरी है। बिना Approval के अगर आप निर्माण करते हैं तो आपका मकान Illegal माना जाएगा और किसी भी वक्त गिराया जा सकता है।
Patta या Allotment Letter
कई राज्यों में Patta या Allotment Letter भी जरूरी होता है। Patta वो दस्तावेज होता है जिसमें सरकार ने आपके नाम जमीन Allocate की होती है। खासकर ग्राम पंचायत की जमीन या सरकारी जमीन के मामले में Patta जरूरी है।
Court Orders या Legal Heir Certificate
अगर जमीन आपको विरासत में मिली है तो Legal Heir Certificate भी जरूरी होता है। इससे साबित होता है कि आप असली वारिस हैं। अगर कोई केस Court में चल रहा है तो Court Orders की कॉपी भी जरूरी है ताकि भविष्य में किसी भी विवाद में आप साबित कर सकें कि जमीन आपकी है।
Power of Attorney
अगर आप किसी और के Through जमीन खरीद रहे हैं तो Power of Attorney की कॉपी भी साथ रखें। इससे साबित होता है कि जिसने आपकी तरफ से डील की थी उसे कानूनी अधिकार था।
Zoning Certificate
अगर आप Commercial Purpose के लिए जमीन खरीद रहे हैं तो Zoning Certificate भी जरूरी है। इससे पता चलता है कि जिस जगह पर जमीन है वह Commercial Zone में आती है या Residential Zone में। गलत Zoning के कारण बाद में Municipal Body निर्माण रोक सकती है।
ये गलतियां ना करें
कई लोग Registry के बाद बाकी दस्तावेजों को नजरअंदाज कर देते हैं। कभी-कभी दलाल या प्रॉपर्टी डीलर भी अधूरी जानकारी देते हैं। आप खुद तहसील, Revenue Office या Patwari से जाकर सही जानकारी जरूर लें। सभी दस्तावेजों की Certified Copy रखें और जरूरत पड़ने पर Lawyer से भी सलाह लें।
निष्कर्ष
सिर्फ Registry से जमीन आपकी नहीं होती। Registry पहला कदम है लेकिन मालिकाना हक मजबूत करने के लिए बाकी जरूरी दस्तावेज भी होने चाहिए। खरीदारी से पहले सारे कागज अच्छे से जांचें, Certified Copy बनवाएं और Mutation जरूर कराएं। इससे आप कानूनी पचड़ों से बच सकते हैं और आपकी जमीन पर कोई भी उंगली नहीं उठा पाएगा।


